बिकरुगांव में 2 जुलाई की रात गैंगस्टर विकास दुबे के साथ पुलिस की मुठभेड़ में सीओ बिल्हौर समेत आठ पुलिसवालों कीमौत हुई थी। बीते 6 दिन में शूटआउट में शामिल रहे तीन बदमाशों को पुलिस ने मार गिराया है,जबकि चार गिरफ्तारहुए हैं। लेकिन 5 लाख का इनामी विकास दुबे अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। इस मामले मेंएक और नाम प्रमुखता से आ रहा है। इस शख्स का नाम है जय बाजपेई।
यूपी एसटीएफ ने विकास के करीबी बताए जा रहे जय को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। सूत्रों का कहना है कि जय, विकास दुबे की आपराधिक दुनिया का अहम किरदार है। बीते रविवार को कानपुर में तीन लावारिस कारें मिली थीं। इन तीनों गाड़ियों का संबंध जय से बताया जा रहा है। पुलिस को इस बात का भी शक है कि जय ने विकास दुबे की भागने में मदद की और उसे गाड़ी मुहैया कराई।
8 सालों में अकूत संपति का मालिक बना
कानपुर मेंब्रह्मनगर निवासी जय आठ साल पहले तक नजीराबाद इलाके कीएक प्रिंटिंग प्रेस में 4000 की तनख्वाह पर नौकरी करता था। उससे पहले वह चाय की दुकानचलाता था। प्रिंटिंग प्रेस में नौकरी करने के दौरान ही वह विकास के संपर्क में आया। इसके बाद वह विकास के साथ मिलकर विवादित जमीनों की खरीद-फरोख्त में साथ देने लगा। कुछ ही दिनों में जय विकास का बेहद खास आदमी बन गया।
इसके बाद विकास दुबे जय के कहने पर बड़ेनिवेश करने लगा। इसमें जमीन में पैसे लगाने से लेकर ब्याज पर पैसे देने तक के कारोबार शामिल थे। सूत्रों के मुताबिक, विकास दुबे की नंबर दो की कमाई का प्रबंधन करते-करते जय भी अकूत संपत्ति का मालिक बन गया। पुलिस का कहना है कि जय का कानपुर-लखनऊ रोड पर एक पेट्रोल पंप है। पुलिस महकमे में चर्चा है कि हाल ही में जय ने विकास दुबे के खाते में 15 लाख रुपए ट्रांसफर किए हैं। पुलिस को शक है कि जय ने बाजार में जो बड़ी रकम ब्याज पर उठा रखी है, वह विकास दुबे की ही है।
क्या बोली जय की मां?
जय की मां प्रसून देवी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस उनके बेटे को फंसा रही है। जिसे पकड़ना चाहिए पुलिस उसे पकड़ नहीं रही है और बेवजह उनके बेटे को परेशान कर रही है। उनके बेटे का किसी भी अपराधी से कोई संबंध नहीं है। हालांकि, वह इस सवाल का जवाब नहीं दे पाईं कि उनके बेटे ने इतने कम समय में इतनी तरक्की कैसे कर ली?
आसपास के लोगों ने कही ये बात
जय कानपुर के ब्रह्म नगर स्थित चौराहे के पास रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बात में कोई दो राय नहीं है कि कम समय में जयबुलंदियों पर पहुंच गया। लोग दबी जबान से बताते हैं कि जय का काफी पैसा ब्याज पर बंटा हुआ है और उसके कई मकान हैं, जिनका किराया आता है। हालांकि, विकास दुबे और जय के संबंधों पर चर्चा से ज्यादातर लोग बचते हैं।
जो गाड़ियां अज्ञात रूप में मिली वह गाड़ियां जय ने अपने नाम पर क्यों नहीं ली थी। जबकि इन गाड़ियों के इस्तेमाल वह खुद करते थे। पड़ोसियों ने तो यहां तक बताया कि जय केदोनों भाई अपराधी फितरतके हैं। आए दिन लोगों से मारपीट करना इनके लिए आम बातहै। लेकिन इतने बड़े अपराधी से इनका कोई संबंध है इस बारे में कुछ कह पाना मुश्किल है। जय के ब्रह्मनगर स्थित घर पर मंगलवार दोपहर पुलिस ने छापा मारा और जय की पत्नी श्वेता औरमां प्रसून देवी से भीपूछताछ की।
आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2O52lt0
via IFTTT